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चाइनीज मांझा बेचने व भंडारण करने वाले व्यापारियों के खिलाफ डीएम ने बनाई विशेष रणनीति

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बरेली। चाइनीज मांझा की बिक्री और भंडारण पर रोक के मद्देनजर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मैगा अभियान शुरू किया है। जिसके तहत बरेली जिले मे प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की टीमें गठित की है। जिसमें तीन टीमें बरेली शहर में काम करेंगी। साथ ही लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले मांझा कारोबारियों पर बरेली पुलिस की कार्रवाई जारी है। इस मामले में शीशा लेपित, चाइनीज मांझे का कारोबार करने वाले करीब 13 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साथ ही 20 दिन में इस मामले में 08 मुकदमें दर्ज किए जा चुके हैं। आगे भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के तहत भी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
डीएम ने एक अनोखी पहल शुरू की है। उन्होंने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण या बिक्री की सटीक सूचना प्रशासन को देगा, उसे उचित पुरस्कार दिया जाएगा। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की जान बचाने के लिए पुलिस का सहयोग करें।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि 15 जनवरी से ही जिले में अवैध मांझे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 20 दिनों के भीतर पुलिस ने जिले के विभिन्न थानों में 8 मुकदमे दर्ज किए हैं। इस कार्रवाई में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से 60 चरखी चाइनीज मांझा बरामद किया गया है। एसएसपी ने साफ किया कि सभी सीओ के नेतृत्व में टीमें गठित हैं, जो 11 फरवरी तक लगातार सत्यापन और छापेमारी का काम करेंगी। उन्होंने बताया कि सभी थानों में मांझा कारीगरों के साथ मीटिंग भी की गई है।
डीएम अविनाश सिंह ने शासनादेश का हवाला देते हुए जिले में सिंथेटिक, नायलॉन और सीसा लेपित मांझे के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं। शहरी क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) और अपर नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में पुलिस और जीएसटी अधिकारियों की टीमें बनाई गई हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में एसडीएम और तहसीलदार इस अभियान की कमान संभालेंगे। यह टीमें हर दुकान और गोदाम की तलाशी लेंगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित मांझे के साथ पकड़ा जाता है, तो उस पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें 5 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। अगर उल्लंघन जारी रहना है तो सजा 7 साल तक बढ़ाई जा सकती है।

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